बच्चों को बार-बार बुखार क्यों होता है? कारण, इलाज और डॉक्टर को कब दिखाएँ

बच्चे को बार-बार बुखार क्यों आता है? जानें बच्चों में fever के common causes, warning signs, home care और कब Pediatrician से तुरंत संपर्क करना चाहिए।

By Admin 21 Sep 2026 2 min read
बच्चों को बार-बार बुखार क्यों होता है? कारण, इलाज और डॉक्टर को कब दिखाएँ
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बच्चों को बार-बार बुखार क्यों होता है? कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

बच्चों में बुखार होना बहुत आम बात है, लेकिन जब बच्चे को बार-बार बुखार आने लगे तो माता-पिता का चिंतित होना स्वाभाविक है। कई बार बुखार सामान्य viral infection के कारण होता है और कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ स्थितियों में बार-बार होने वाला बुखार किसी infection या दूसरी health problem का संकेत भी हो सकता है।

इसलिए केवल बुखार कम करना ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि बच्चे को बार-बार बुखार क्यों हो रहा है और कब Pediatrician से सलाह लेनी चाहिए।

बच्चों में बुखार क्या माना जाता है?

बुखार शरीर की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है। जब शरीर किसी virus, bacteria या infection से लड़ता है, तो body temperature बढ़ सकता है।

आमतौर पर लगभग 38°C (100.4°F) या उससे अधिक तापमान को बुखार माना जाता है, हालांकि तापमान मापने की जगह और method के अनुसार reading में थोड़ा अंतर हो सकता है।

बुखार अपने आप में कोई बीमारी नहीं है। यह शरीर में चल रही किसी स्थिति का एक symptom है।

बच्चों को बार-बार बुखार क्यों होता है?

बच्चों की developing immune system के कारण उन्हें adults की तुलना में infections जल्दी हो सकते हैं। खासकर school जाने वाले छोटे बच्चे एक-दूसरे के संपर्क में आने के कारण viral infections से बार-बार प्रभावित हो सकते हैं।

1. Viral Infection

बच्चों में बार-बार बुखार आने का सबसे सामान्य कारण viral infection है।

Common viral infections में शामिल हो सकते हैं:

  • Common cold
  • Flu
  • Viral throat infection
  • Viral fever
  • Hand, Foot and Mouth Disease जैसे कुछ childhood viral infections

Viral infection के साथ बच्चे को खांसी, नाक बहना, कमजोरी, body ache या भूख कम लगने जैसी समस्याएँ भी हो सकती हैं।

2. Throat या Tonsil Infection

अगर बच्चे को बार-बार बुखार के साथ गले में दर्द, निगलने में परेशानी या tonsils में सूजन होती है, तो throat infection इसका कारण हो सकता है।

कुछ throat infections viral होते हैं, जबकि कुछ bacterial भी हो सकते हैं। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के antibiotic देना उचित नहीं है।

3. Ear Infection

छोटे बच्चों में ear infection भी बुखार का कारण हो सकता है।

इसके कुछ संकेत हैं:

  • कान को बार-बार पकड़ना
  • बहुत रोना या चिड़चिड़ापन
  • नींद खराब होना
  • कान में दर्द
  • भूख कम होना

बच्चा अपनी परेशानी बता न पाए तो parents को इन signs पर ध्यान देना चाहिए।

4. Urinary Tract Infection (UTI)

कई बार बच्चे को बुखार होता है लेकिन खांसी-जुकाम जैसे कोई स्पष्ट symptoms नहीं होते। ऐसी स्थिति में urinary tract infection भी एक संभावित कारण हो सकता है।

UTI में बच्चे को:

  • पेशाब करते समय दर्द या जलन
  • बार-बार पेशाब
  • पेट या कमर में दर्द
  • बदबूदार पेशाब

जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

छोटे बच्चों में कभी-कभी केवल बुखार ही प्रमुख symptom हो सकता है।

5. Chest Infection या Pneumonia

अगर बच्चे को बुखार के साथ तेज खांसी, सांस लेने में परेशानी या सांस बहुत तेज चल रही हो तो chest infection की संभावना हो सकती है।

ऐसे symptoms को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और बच्चे को जल्द Pediatrician को दिखाना चाहिए।

6. बार-बार नए infections होना

कई parents को लगता है कि बच्चे का एक ही बुखार बार-बार लौट रहा है, जबकि वास्तव में बच्चे को थोड़े अंतराल पर अलग-अलग viral infections हो सकते हैं।

Daycare, playschool और school जाने वाले बच्चों में यह ज्यादा देखने को मिल सकता है।

बार-बार बुखार आना क्या कमजोर immunity का संकेत है?

जरूरी नहीं।

हर बार होने वाला viral infection कमजोर immunity का प्रमाण नहीं होता। छोटे बच्चों की immune system अभी विकसित हो रही होती है और वे आसपास मौजूद कई नए viruses के संपर्क में आते रहते हैं।

लेकिन यदि बच्चा:

  • बार-बार गंभीर infections से बीमार पड़ रहा है,
  • वजन नहीं बढ़ रहा,
  • बार-बार hospitalization की जरूरत पड़ रही है,
  • infections ठीक होने में बहुत समय लग रहे हैं,

तो Pediatrician बच्चे की विस्तृत जांच की सलाह दे सकते हैं।

बच्चे को बुखार होने पर घर पर क्या करें?

अगर बच्चा सामान्य रूप से active है और डॉक्टर ने कोई गंभीर कारण नहीं बताया है, तो parents कुछ basic care कर सकते हैं।

बच्चे को पर्याप्त पानी, ORS, दूध या age-appropriate fluids देते रहें। उसे आराम करने दें और बहुत ज्यादा कपड़े या भारी blanket से न ढकें।

बुखार के दौरान बच्चे की activity, breathing, urine output और hydration पर विशेष ध्यान दें।

दवाइयाँ बच्चे की उम्र और वजन के अनुसार दी जाती हैं, इसलिए fever medicine या antibiotics देने से पहले Pediatrician की सलाह लेना बेहतर है।

बच्चों को Antibiotic कब देना चाहिए?

हर बुखार में antibiotic की जरूरत नहीं होती।

Viral infection में antibiotics काम नहीं करते। बिना जरूरत antibiotics देने से side effects हो सकते हैं और antibiotic resistance की समस्या बढ़ सकती है।

Antibiotics केवल तब दिए जाने चाहिए जब डॉक्टर को bacterial infection की संभावना या पुष्टि हो।

बच्चे को तुरंत डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

कुछ symptoms ऐसे होते हैं जिनमें medical evaluation में देरी नहीं करनी चाहिए।

खासकर यदि:

  • 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को 38°C (100.4°F) या उससे अधिक बुखार हो
  • बच्चा बहुत सुस्त हो
  • बच्चा बार-बार बेहोशी जैसा महसूस करे या प्रतिक्रिया कम दे
  • सांस लेने में परेशानी हो
  • बच्चा पानी या दूध न पी पा रहा हो
  • बार-बार vomiting हो
  • पेशाब बहुत कम हो गया हो
  • दौरा पड़े
  • गर्दन में असामान्य अकड़न हो
  • शरीर पर ऐसा rash हो जो चिंता पैदा करे
  • बच्चा लगातार बहुत ज्यादा रो रहा हो
  • बुखार कई दिनों तक बना रहे या बार-बार लौट रहा हो

तो Pediatrician से जल्द consultation लेना चाहिए।

क्या हर बार बुखार में Blood Test जरूरी है?

नहीं।

हर fever में blood test की जरूरत नहीं होती।

Pediatrician बच्चे की age, symptoms, physical examination और fever की duration देखकर तय करते हैं कि किसी investigation की जरूरत है या नहीं।

जरूरत पड़ने पर doctor CBC, urine test या अन्य investigations की सलाह दे सकते हैं।

बच्चे का तापमान कैसे चेक करें?

बच्चे का fever check करने के लिए digital thermometer उपयोग करना बेहतर है।

Temperature को केवल हाथ लगाकर अनुमान लगाने की बजाय thermometer से measure करना अधिक reliable होता है।

बच्चे का temperature कब और कितना आया, इसे note करके रखना भी doctor consultation में उपयोगी हो सकता है।

बुखार में बच्चे को खाना खिलाना चाहिए?

हाँ, लेकिन बच्चे को जबरदस्ती खाना खिलाने की जरूरत नहीं है।

बुखार में appetite कम होना सामान्य है। बच्चे को हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन दें।

सबसे महत्वपूर्ण है कि बच्चा पर्याप्त fluids लेता रहे।

बच्चों में बार-बार बुखार से बचाव कैसे करें?

हर infection को रोक पाना संभव नहीं है, लेकिन कुछ habits infection के risk को कम करने में मदद कर सकती हैं।

बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने की आदत सिखाएँ, खांसते या छींकते समय mouth cover करना सिखाएँ और बीमार व्यक्ति के बहुत करीब संपर्क से बचाएँ।

साथ ही बच्चे का vaccination schedule समय पर पूरा कराएँ, balanced diet दें और पर्याप्त नींद सुनिश्चित करें।

निष्कर्ष

बच्चों में बुखार आम है और अधिकतर मामलों में इसका कारण सामान्य viral infection हो सकता है। फिर भी बार-बार बुखार आना, लंबे समय तक fever रहना या सांस लेने में परेशानी, dehydration, बहुत ज्यादा सुस्ती या दौरे जैसे symptoms को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बुखार को केवल thermometer की reading के रूप में न देखें। बच्चे का overall behaviour, activity, hydration और अन्य symptoms भी महत्वपूर्ण होते हैं।

अगर आपके बच्चे को बार-बार बुखार हो रहा है, तो सही कारण जानने के लिए Pediatrician से consultation करवाएँ।

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This article is for general education and does not replace a personal consultation, examination or treatment plan.

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Health education from Sparsh Mother & Child Hospital and IVF Fertility Centre.

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